राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण (Delhi Pollution Update) को देखते हुए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। GRAP-3 लागू होने के बाद सरकार ने निर्देश जारी किए हैं कि कल से सभी सरकारी और निजी संस्थानों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करना और प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना है।
सरकारी आदेश के अनुसार सभी विभागों, कार्यालयों, निजी कंपनियों और संस्थानों को अपनी कार्यप्रणाली इस तरह से संचालित करनी होगी कि आधे कर्मचारी घर से काम करें। जिन संस्थानों में यह व्यवस्था संभव है, वहां कर्मचारियों की शिफ्ट या रोटेशन के आधार पर वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा और इसमें किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
मजदूरों को राहत
GRAP-3 लागू होने के कारण कई स्थानों पर निर्माण गतिविधियां बंद करनी पड़ी हैं। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने पंजीकृत निर्माण मजदूरों को राहत देने का फैसला किया है। जिन मजदूरों का काम प्रदूषण नियंत्रण नियमों के चलते बंद होगा, उन्हें सरकार की ओर से 10,000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। यह राशि सीधे पंजीकृत मजदूरों को प्रदान की जाएगी, ताकि उन्हें आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े।
#WATCH | Delhi Minister Kapil Mishra says, “GRAP-3 was in effect in Delhi for 16 days, when all construction work throughout Delhi was put on hold. Now GRAP-4 is in effect… When the construction work was paused in Delhi, the construction workers were affected, especially the… pic.twitter.com/RBwqWjmVWj
— ANI (@ANI) December 17, 2025
सरकार का कहना है कि सर्दियों के मौसम में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ जाता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। वर्क फ्रॉम होम, निर्माण कार्यों पर नियंत्रण और यातायात में कमी जैसे कदमों से हवा की गुणवत्ता में सुधार लाने की कोशिश की जा रही है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्ती
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आदेशों का पालन न करने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। चाहे वह निजी कंपनी हो, कार्यालय हो या कोई अन्य संस्थान यदि 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम के नियम का उल्लंघन पाया गया, तो संबंधित संस्था के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए निगरानी टीमें गठित की गई हैं, जो नियमों के पालन पर नजर रखेंगी।दिल्ली सरकार ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें और प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों से बचें। सरकार का मानना है कि प्रशासनिक फैसलों के साथ-साथ जनता का सहयोग भी बेहद जरूरी है।
आगे भी हालात के अनुसार फैसले संभव
सरकार ने संकेत दिए हैं कि अगर प्रदूषण की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल यह निर्णय जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि दिल्लीवासियों को जहरीली हवा से राहत मिल सके।
