जबलपुर में जुम्मे की छुट्टी पर बवाल, अंजुमन इस्लामिया स्कूल में टूटा ताला; प्रशासन ने करवाई कक्षाएं शुरू

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Published On: 1 November 2025

जबलपुर के अंजुमन इस्लामिया वक्फ बोर्ड के स्कूलों में शुक्रवार की छुट्टी को लेकर शहर में बवाल मच गया। मामला तब तूल पकड़ गया जब कुछ महीने पहले जारी हुआ पुराना आदेश अचानक सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। आदेश में कहा गया था कि स्कूलों में जुम्मे को छुट्टी और रविवार को हाफ टाइम स्कूल लगाया जाएगा। जैसे ही यह बात प्रशासन तक पहुंची, अफसर खुद मालवीय चौक स्थित अंजुमन इस्लामिया इंग्लिश मीडियम स्कूल पहुंचे और ताला तुड़वाकर स्कूल खुलवाया। कुछ घंटों बाद ही बोर्ड ने वह आदेश वापस ले लिया।

जानकारी के मुताबिक, जबलपुर में वक्फ बोर्ड के चार स्कूल और एक कॉलेज हैं, जहां शुक्रवार को छुट्टी और रविवार को स्कूल लगता है। बोर्ड का कहना है कि यह व्यवस्था सालों से चल रही है, क्योंकि मुस्लिम बस्तियों में जुम्मे के दिन ज्यादातर बच्चे नमाज पढ़ने चले जाते हैं।

बच्चों के हित में फैसला

बोर्ड के अध्यक्ष अन्नू अनवर ने कहा, “हमने यह फैसला बच्चों के हित में लिया था। अगर प्रशासन को दिक्कत है, तो शुक्रवार को स्कूल खुलवाने में हमें कोई आपत्ति नहीं है।” मालवीय चौक के स्कूल में पिछले कुछ महीनों से शुक्रवार को मुश्किल से 10 से 20 बच्चे ही आ रहे थे, जबकि स्कूल में 700 से ज्यादा छात्र हैं। इसी वजह से बोर्ड ने वहां शुक्रवार को छुट्टी का आदेश निकाला था। लेकिन शिक्षा विभाग का कहना है कि ऐसा आदेश जारी करने का अधिकार स्कूल प्रबंधन के पास नहीं है, इसके लिए कलेक्टर और शिक्षा विभाग से अनुमति जरूरी है।

भाजपा नेता बोले

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नगर महामंत्री मुज्ममिल अली ने कहा कि प्रशासन ने सिर्फ एक स्कूल पर कार्रवाई की, जबकि वक्फ बोर्ड के बाकी स्कूलों में भी यही व्यवस्था है। उन्होंने आरोप लगाया कि बोर्ड ने यह आदेश बिना सरकारी मंजूरी के जारी किया और अब सालों पुरानी परंपरा को कानूनी जामा पहनाने की कोशिश कर रहा है। अली ने यह भी आरोप लगाया कि अंजुमन स्कूलों में दीपावली और दशहरा जैसे हिंदू त्योहारों पर सिर्फ दो दिन की छुट्टी दी जाती है, जबकि बाकी स्कूलों में छह से दस दिन का अवकाश रहता है। उन्होंने कहा कि यह दोहरा रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन सख्त

डिप्टी कलेक्टर आरएस मरावी ने कहा कि शुक्रवार की छुट्टी का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने सभी स्कूलों को पुराने समय पर चलाने के निर्देश दिए हैं और कहा कि यदि अन्य स्कूलों में भी यही स्थिति पाई गई तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

मामले में अब हैदराबाद के विधायक टी-राजा सिंह भी कूद पड़े हैं। उन्होंने कहा, “मध्यप्रदेश में कुछ संस्थाएं शरिया कानून थोपने की कोशिश कर रही हैं। शिक्षा के नाम पर अलग व्यवस्था बनाई जा रही है, जो बिल्कुल गलत है। यह देश संविधान से चलेगा, किसी धार्मिक फरमान से नहीं।” जुम्मे की छुट्टी पर उठा यह विवाद अब शहर से निकलकर प्रदेश की राजनीति तक पहुंच गया है। अब लग रहा है कि अभी यह मामला थमने वाला नहीं है।

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