Weather Update : मध्य प्रदेश में ठंड का असर लगातार गहराता जा रहा है। शुक्रवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा, जिससे सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। कई जगह दृश्यता बेहद कम रही और वाहन रेंगते नजर आए। खासकर उत्तर और पूर्वी हिस्सों में कोहरे का प्रभाव ज्यादा देखने को मिला। ग्वालियर में गुरुवार रात से ही कोहरा जमना शुरू हो गया था, जो शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे तक बना रहा। यहां सुबह के समय सड़कों और चौराहों पर गाड़ियां बेहद धीमी रफ्तार से चलती दिखीं। बीते दिन अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन ठंडी हवाओं और कोहरे की वजह से ठंड का अहसास कहीं ज्यादा रहा।
घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर रीवा में देखने को मिला। यहां हालात इतने खराब रहे कि 50 मीटर के बाद कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था। दतिया और सागर में दृश्यता 200 से 500 मीटर के बीच रही। वहीं ग्वालियर, सतना, जबलपुर और नौगांव में 500 से 1 हजार मीटर तक ही नजर आ रहा था, जिससे सुबह के वक्त आवागमन प्रभावित हुआ।
कहां कितनी रही विजिबिलिटी
इंदौर, मंडला और खजुराहो में दृश्यता 1 से 2 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई। भोपाल, उज्जैन, राजगढ़, दमोह और उमरिया में 2 से 4 किलोमीटर तक विजिबिलिटी रही। राजधानी भोपाल में भी सुबह से कोहरा छाया रहा। कई इलाकों में धुंध के साथ ठंडी हवाएं चलीं, जिससे लोगों को सर्दी ज्यादा चुभती महसूस हुई।
गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात प्रदेश में ठंड का असर और तेज हो गया। बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे प्रदेश में शिवपुरी सबसे ठंडा जिला रहा, जहां पारा 4 डिग्री तक गिर गया। राजगढ़ में 5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.6, मलाजखंड में 6.8, रायसेन में 7.4 और मंडला में 7.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले सात दिनों तक प्रदेश में इसी तरह का मौसम बना रह सकता है। सुबह और रात के समय घना कोहरा छाने की संभावना है, वहीं ठंड का असर और बढ़ सकता है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और ठंड से बचाव के उपाय करने की सलाह दी है।
ट्रेनें घंटों लेट
कोहरे का असर रेल यातायात पर भी साफ दिखा। दिल्ली से इंदौर और भोपाल आने वाली ज्यादातर ट्रेनें 30 मिनट से लेकर 5 घंटे तक देरी से चलीं। पंजाब मेल, शताब्दी, झेलम एक्सप्रेस, सचखंड, मालवा, छत्तीसगढ़, कोल्हापुर सुपरफास्ट और मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस जैसी कई ट्रेनों पर असर पड़ा। ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन स्टेशनों पर भी ट्रेनें अपने तय समय से काफी देर से पहुंचीं।
उड़ानों की रफ्तार भी धीमी
कोहरे की मार हवाई सेवाओं पर भी पड़ी। भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, गोवा और बेंगलुरु जाने वाली कई फ्लाइट्स देरी से रवाना हुईं। गुरुवार को कुछ उड़ानों में 20 मिनट से लेकर एक घंटे तक की देरी दर्ज की गई। मौसम साफ होने तक यात्रियों को असुविधा झेलनी पड़ सकती है।
