77वें गणतंत्र दिवस पर उज्जैन में रचा गया इतिहास, शिप्रा तट पर पहली बार फहराया गया तिरंगा

Author Picture
Published On: 26 January 2026

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उज्जैन ने एक नया अध्याय जोड़ते हुए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। पहली बार शिप्रा नदी के तट पर किसी मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। कार्तिक मेला ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी ली और उपस्थित जनसमूह को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर देशभक्ति, अनुशासन और जनभागीदारी का अद्भुत संगम देखने को मिला।

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि इंदौर, उज्जैन और भोपाल के आसपास के क्षेत्रों को जोड़कर एक मेट्रोपॉलिटन रीजन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे आर्थिक गतिविधियों, रोजगार और शहरी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही सांदीपनि आश्रम के व्यापक विकास की योजना का भी उल्लेख किया गया, जिससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।

उज्जैन में रचा गया इतिहास

मुख्यमंत्री ने उज्जैन और शिवपुरी में नए एयरपोर्ट निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि उज्जैन एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा रहा है। इससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार और आवागमन को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही उज्जैन में इस वर्ष तीन नए आयुर्वेदिक कॉलेज शुरू करने की घोषणा भी की गई, जो स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोलेंगे।

महिला सशक्तिकरण पर जोर

मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना योजना की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि अब महिलाओं को प्रतिमाह 1500 रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। पिछले दो वर्षों में इस योजना के तहत करीब 50 हजार करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। महिला सम्मान और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए क्रांति गोंड को 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान किए जाने की जानकारी भी दी गई।

भोपाल में राज्य स्तरीय भव्य समारोह

उज्जैन के साथ-साथ भोपाल के लाल परेड मैदान में भी राज्य स्तरीय मुख्य समारोह आयोजित किया गया। राज्यपाल ने तिरंगा फहराकर 22 प्लाटून की संयुक्त परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में सुरक्षा बलों, छात्र संगठनों और स्वयंसेवी दलों ने अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का प्रेरक प्रदर्शन किया। 22 विभागों की रंग-बिरंगी और आकर्षक झांकियों के माध्यम से प्रदेश की विकास यात्रा और जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

दोनों शहरों में आयोजित कार्यक्रमों में नागरिकों की भारी भागीदारी देखने को मिली। राष्ट्रगान, परेड, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और झांकियों ने गणतंत्र दिवस के उत्सव को यादगार बना दिया। यह आयोजन प्रदेश के विकास, सांस्कृतिक विरासत और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर उभरा।

Related News
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp