भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना को लेकर शनिवार का दिन बेहद खास रहा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और जापान के भूमि, आधारभूत संरचना, परिवहन और पर्यटन मंत्री हिरोमासा नाकानो ने सूरत में निर्माण स्थल का दौरा किया। जापानी मंत्री हिरोमासा नाकानो सुबह सूरत हवाईअड्डे पहुंचे, जहां उनका पारंपरिक गरबा नृत्य के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसके बाद दोनों मंत्रियों ने सूरत हाई-स्पीड रेल (HSR) परियोजना के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया।
निर्माण की गुणवत्ता
निरीक्षण के दौरान दोनों नेताओं ने ट्रैक स्लैब लेयिंग कार और ट्रैक स्लैब एडजस्टमेंट फैसिलिटी जैसी आधुनिक तकनीकों को करीब से देखा। उन्होंने काम की गति और गुणवत्ता पर संतोष जताया और परियोजना से जुड़े इंजीनियरों और कर्मियों की मेहनत की सराहना की।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह परियोजना भारत के रेल नेटवर्क को नई ऊंचाई देगी। देश में हाई-स्पीड ट्रेन तकनीक का नया अध्याय खोलेगी। उन्होंने बताया कि भारत-जापान की साझेदारी से यह परियोजना न सिर्फ तकनीकी रूप से मजबूत बनेगी बल्कि रोजगार के कई अवसर भी सृजित करेगी।
भारत-जापान सहयोग का उदाहरण
जापानी मंत्री हिरोमासा नाकानो ने भी कहा कि यह हाई-स्पीड रेल परियोजना भारत और जापान की मजबूत मित्रता और तकनीकी सहयोग का प्रतीक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के विशेषज्ञ मिलकर इसे समय पर पूरा करेंगे।
भारत की पहली बुलेट ट्रेन
सूरत हाई-स्पीड रेल परियोजना, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का हिस्सा है। यह देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों का उपयोग किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद मुंबई से अहमदाबाद की दूरी लगभग दो घंटे से भी कम समय में तय की जा सकेगी।
दौरे के दौरान स्थानीय लोगों और इंजीनियरों में काफी उत्साह देखने को मिला। परियोजना स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर भी विशेष ध्यान दिया गया। रेल मंत्री और जापानी मंत्री का यह दौरा भारत-जापान के लंबे और भरोसेमंद सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
