सतना जिले में लंबे समय से चल रही ओवररेट शराब बिक्री की शिकायतों के बीच आखिरकार आबकारी विभाग को कार्रवाई करनी पड़ी। सोम ग्रुप की सर्किट हाउस स्थित शराब दुकान पर छापेमारी की गई। यह कार्रवाई किसी नियमित जांच का नतीजा नहीं, बल्कि एक उपभोक्ता द्वारा की गई शिकायत के बाद की गई मजबूरी भरी पहल मानी जा रही है। इसी वजह से इस पूरी कार्रवाई पर शुरुआत से ही सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सोम ग्रुप की शराब दुकानों पर सालभर निर्धारित मूल्य से अधिक दरों पर शराब बेची जाती रही। कई बार इसका विरोध भी हुआ, लेकिन जिम्मेदार अफसरों ने आंखें मूंदे रखीं। आरोप है कि अवैध पैकारी और मनमानी वसूली खुलेआम होती रही, जबकि आबकारी अमला सिर्फ तमाशबीन बना रहा।
सतना में ओवररेट शराब का भंडाफोड़
सर्किट हाउस दुकान पर हुई कार्रवाई की सबसे बड़ी हैरानी यह रही कि इसकी जानकारी न तो सार्वजनिक की गई और न ही स्पष्ट किया गया कि वास्तव में क्या जब्त हुआ और किस धारा में केस दर्ज किया गया। न तो प्रेस नोट जारी हुआ और न ही यह बताया गया कि लाइसेंस को लेकर क्या कदम उठाए गए। इससे यह धारणा मजबूत हो रही है कि कार्रवाई सिर्फ औपचारिकता निभाने तक सीमित रही।
कानून में सख्त सजा
नियमों के अनुसार यदि शराब MRP से अधिक दाम पर बेची जाती है, तो आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और IPC की धारा 273 के तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। इनमें जुर्माने के साथ जेल तक की सजा हो सकती है। बावजूद इसके, जमीनी हकीकत यह है कि ज्यादातर मामलों में कार्रवाई दिखावटी रह जाती है। बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला तब सामने आया जब एक उपभोक्ता ने 181 सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद विभाग हरकत में आया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह शिकायत नहीं होती, तो सोम ग्रुप की दुकानों पर चल रही कथित लूट शायद कभी उजागर ही नहीं होती।
फिर भी चुप्पी
सर्किट हाउस इलाके की इस शराब दुकान का विरोध पहले भी स्थानीय पार्षद और रहवासी कर चुके हैं। मोहल्ले में आए दिन विवाद, जाम और असामाजिक गतिविधियां आम हो गई थीं। इसके बावजूद दुकान बदस्तूर चलती रही। अब इस छापेमारी के बाद सवाल यह है कि क्या आगे भी ठोस कार्रवाई होगी या मामला फिर ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
