MP में कड़ाके की ठंड ने एक बार फिर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। शुक्रवार सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में ऐसा आलम रहा कि दिन की शुरुआत धुंधली परत के साथ हुई। इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पत्तों पर ओस की बूंदें जम गईं और सुबह की हवा में सिहरन साफ महसूस की गई। प्रदेश में सबसे कम तापमान पचमढ़ी में दर्ज किया गया। यहां रात का न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री सेल्सियस रहा। पहाड़ी इलाकों में ठंड का असर ज्यादा दिखा, जहां सुबह-सुबह खुले में खड़े वाहनों और पत्तियों पर जमी ओस ने ठंड की तीव्रता को बयान कर दिया।
भोपाल, मंडला, रीवा, सतना, पचमढ़ी, दतिया, धार, गुना, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, खजुराहो, नौगांव, अशोकनगर, झाबुआ, खंडवा, शाजापुर और सीहोर सहित कई जिलों में सुबह घना कोहरा छाया रहा। कई जगहों पर हालात ऐसे थे कि सामने का रास्ता साफ नजर नहीं आ रहा था।
सड़कों पर धीमी पड़ी रफ्तार
कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। हाईवे और शहरों की सड़कों पर वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर चलना पड़ा। खासकर सुबह के समय ऑफिस जाने वाले और स्कूल बसों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। कई जगहों पर ट्रैफिक की रफ्तार सामान्य से काफी कम रही। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार और शुक्रवार की रात प्रदेश के करीब 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। पचमढ़ी के बाद रीवा में तापमान 5.5 डिग्री, शिवपुरी और खजुराहो में 6 डिग्री, नौगांव और दतिया में 6.2 डिग्री तथा उमरिया में 6.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
ग्वालियर सबसे ठंडा बड़ा शहर
बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में ठंड ने सबसे ज्यादा असर दिखाया। यहां न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजधानी भोपाल में पारा 7 डिग्री तक गिर गया, जिससे सुबह-शाम ठंड का असर तेज महसूस हुआ। प्रदेश के प्रमुख शहर इंदौर, उज्जैन और जबलपुर भी ठंड से अछूते नहीं रहे। इन तीनों शहरों में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि धूप निकलने के बाद दिन में थोड़ी राहत मिली, लेकिन सुबह और रात की ठंड लोगों को गर्म कपड़ों में कैद रखने पर मजबूर कर रही है।
अभी और बढ़ेगी ठंड की धार
मौसम के जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड और कोहरे का असर बना रह सकता है। खासकर सुबह के समय सतर्क रहने की जरूरत है। फिलहाल मध्यप्रदेश की सर्दी अपने पूरे तेवर दिखा रही है।
