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उत्तर से आई सर्द हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन, MP में शीतलहर का असर तेज

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Published On: 18 January 2026

पहाड़ी राज्यों में हो रही बर्फबारी और उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं का असर अब MP में साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान तेजी से गिरा है और ठंड ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। खासतौर पर उत्तरी और पूर्वी मध्यप्रदेश में सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। मौसम के इस बदले मिजाज ने एक बार फिर लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया है।

प्रदेश के शहडोल और रीवा संभाग में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। शहडोल जिले के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे कम आंकड़ा माना जा रहा है। वहीं, उमरिया में रात का पारा 4.8 डिग्री दर्ज किया गया। इन इलाकों में सुबह-सुबह सर्द हवाओं के साथ घना कोहरा भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है।

MP में शीतलहर का असर

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के करीब 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 7.4 डिग्री, इंदौर में 9 डिग्री, ग्वालियर में 8.2 डिग्री और जबलपुर में 8.3 डिग्री तापमान रहा। उज्जैन में भी पारा 10 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। इसके अलावा राजगढ़ और खजुराहो में 5 डिग्री, मंडला में 5.4, रीवा में 5.5 और नौगांव में 5.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।

जेट स्ट्रीम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में हो रही बर्फबारी के चलते वहां से ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों की ओर बढ़ रही हैं। शनिवार को उत्तर-पूर्व भारत के ऊपर करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर तेज जेट स्ट्रीम सक्रिय रही, जिसकी रफ्तार लगभग 269 किलोमीटर प्रति घंटा रही। इसी का असर मध्यप्रदेश में भी देखने को मिला और सर्दी का असर और तेज हो गया।

कई जिलों में कोहरा

रविवार सुबह ग्वालियर, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर और विदिशा जैसे जिलों में हल्का कोहरा देखा गया। कोहरे के कारण दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली कई ट्रेनें प्रभावित हुईं, जिनमें मालवा, झेलम और सचखंड एक्सप्रेस शामिल हैं।

आगे कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग का कहना है कि 19 और 21 जनवरी की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं। इसके अलावा राजस्थान के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर भी मध्यप्रदेश में देखने को मिल सकता है। ऐसे में 22 और 23 जनवरी के बाद प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है।

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