MP Weather: मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच अब घना कोहरा भी असर दिखाने लगा है। सोमवार सुबह कई जिलों में सीजन का पहला घना कोहरा देखने को मिला। सड़कों पर धुंध की चादर इतनी घनी थी कि दूर तक देख पाना मुश्किल हो गया। इसका सीधा असर यातायात पर पड़ा और वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर बेहद सतर्क होकर सफर करना पड़ा।
मुरैना-रायसेन में हालात ज्यादा खराब
मुरैना जिले में सर्द हवाओं के साथ सुबह कोहरा छा गया। यहां विजिबिलिटी घटकर करीब 50 मीटर तक रह गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मुरैना में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री और अधिकतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी तरह रायसेन जिले में भी इस सीजन का पहला घना कोहरा देखने को मिला। सुबह के समय सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए और कई जगहों पर चालकों को बार-बार ब्रेक लगाने पड़े।
भोपाल और बुंदेलखंड में भी असर
राजधानी भोपाल में तेज ठंड के बीच कोहरे की आमद दर्ज की गई। हालांकि यहां स्थिति मुरैना और रायसेन जितनी गंभीर नहीं रही, लेकिन सुबह के समय धुंध साफ नजर आई। बुंदेलखंड क्षेत्र के टीकमगढ़ में भी मौसम का पहला कोहरा दर्ज किया गया, जिससे ग्रामीण इलाकों में खासतौर पर दिक्कतें बढ़ीं।
मौसम विभाग ने सोमवार को ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर और रीवा संभाग के कुल 14 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। चेतावनी वाले जिलों में ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। विभाग ने वाहन चालकों को सुबह और देर रात के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
पचमढ़ी फिर रहा सबसे ठंडा
रविवार को भी प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कोहरा छाया रहा। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं के चलते लोगों ने दिनभर गर्म कपड़ों का सहारा लिया।
17 दिसंबर से बढ़ेगी ठंड
मौसम विभाग के अनुसार, 17 दिसंबर की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। इसका असर अगले दो-तीन दिनों में मध्यप्रदेश में भी दिखने लगेगा। इससे ठंड और बढ़ने की संभावना है, साथ ही कुछ इलाकों में कोहरा और घना हो सकता है।
