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कोहरे की चादर में लिपटा MP, ट्रेनें लेट; ठंड ने बढ़ाई परेशानी

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Published On: 31 December 2025

MP में कड़ाके की ठंड के साथ घना कोहरा लोगों की दिनचर्या बिगाड़ रहा है। बुधवार सुबह हालात ऐसे रहे कि दिल्ली से आने वाली कई ट्रेनें घंटों देरी से प्रदेश में पहुंचीं। भोपाल आने वाली मालवा एक्सप्रेस सुबह 7.25 बजे की जगह करीब साढ़े चार घंटे बाद पहुंची। शताब्दी, सचखंड और कर्नाटका एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों की रफ्तार भी कोहरे ने थाम दी। रीवा, दतिया और ग्वालियर में सुबह घना कोहरा छाया रहा। दतिया और ग्वालियर में दृश्यता महज 50 मीटर तक सिमट गई।

 

रीवा के एमपी-यूपी बॉर्डर पर स्थित सोहागी घाटी में हालात और भी गंभीर रहे, जहां सुबह 9 बजे विजिबिलिटी केवल 20 मीटर दर्ज की गई। वाहन चालकों को लाइट जलाकर बेहद धीमी गति से सफर करना पड़ा।

इन शहरों में भी धुंध का पहरा

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में ठंड बढ़ने की बड़ी वजह ऊपरी हवाओं में सक्रिय जेट स्ट्रीम है। मंगलवार को इसकी रफ्तार 259 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई। ठंडी और गर्म हवा की इस तेज धारा ने रात के तापमान में तेज गिरावट कर दी। बुधवार को भी यही स्थिति बने रहने की संभावना है।

कोहरे का असर सिर्फ कुछ जिलों तक सीमित नहीं रहा। नौगांव, सतना, सीधी, भोपाल, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, खजुराहो, मंडला, गुना, खरगोन, राजगढ़ और दमोह समेत कई इलाकों में सुबह धुंध की मोटी परत देखने को मिली। कई जगहों पर सूरज देर से निकला, जिससे ठंड का असर और ज्यादा महसूस हुआ।

कई शहर 10 डिग्री से नीचे

प्रदेश में सबसे कम तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया, जहां पारा 4.2 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। नौगांव में 4.4, उमरिया में 5.2, रीवा में 5.4 और पचमढ़ी में 5.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। बड़े शहरों में इंदौर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 9, उज्जैन में 9.8 और जबलपुर में 8.2 डिग्री तापमान रहा। करीब 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे चला गया।

दिल्ली से भोपाल और इंदौर की ओर आने वाली मालवा, शताब्दी, सचखंड और कर्नाटका एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें रोजाना देरी से चल रही हैं। यात्रियों को स्टेशनों पर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, वहीं कई ट्रेनें अपने तय समय से घंटों बाद गंतव्य तक पहुंच रही हैं।

सफर बना जोखिम भरा

रीवा के सोहागी घाटी क्षेत्र में कोहरे ने सबसे ज्यादा मुश्किल खड़ी कर दी है। यह इलाका पहले से ही खतरनाक मोड़ों के लिए जाना जाता है। नए साल में प्रयाग स्नान और अयोध्या दर्शन के लिए जा रहे सैकड़ों श्रद्धालुओं को यहां बेहद सावधानी से गुजरना पड़ रहा है। घनी धुंध के कारण आवागमन धीमा हो गया है और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग का संकेत है कि फिलहाल ठंड और कोहरे से तुरंत राहत मिलने की उम्मीद कम है। आने वाले दिनों में भी सुबह-शाम धुंध और रात के तापमान में गिरावट लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।

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