रविवार की सुबह MP के कई शहर कोहरे की चादर में ढके रहे। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में कोहरा इतना घना था कि 50 मीटर आगे कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। सड़कों और मार्गों पर वाहन चालकों को सावधानी बरतनी पड़ी। एयर वीजिबिलिटी में कमी के कारण दिल्ली से आने वाली ट्रेनों की समय सारणी प्रभावित हुई और मालवा, सचखंड, शताब्दी समेत कई ट्रेनें निर्धारित समय से लेट रहीं।
नौगांव (छतरपुर) में बीती रात तापमान अचानक 8.3 डिग्री गिरकर 2.5 डिग्री पर पहुंच गया। इस गिरावट ने इलाके में ठंड को और बढ़ा दिया। मौसम विभाग ने बताया कि यह तापमान पिछले कई सालों में दिसंबर-जanuary माह में दर्ज की गई सबसे कम दरों में से एक है।
प्रदेशभर में कोहरा और ठंड
मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम, बालाघाट, ग्वालियर, रतलाम, दतिया, धार, गुना, रायसेन, राजगढ़, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सतना, श्योपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर और रीवा जिलों में भी घना कोहरा छाया रहा। इसका असर दिनभर महसूस किया गया और तापमान में गिरावट के साथ सर्द हवाओं ने ठंड को और तेज कर दिया। प्रदेश के प्रमुख शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 6.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री, इंदौर में 11.8 डिग्री, उज्जैन में 11.4 डिग्री और जबलपुर में 11 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 6.4 डिग्री, शिवपुरी में 7 डिग्री, रतलाम में 7.4 डिग्री और श्योपुर-मंडला में 7.6 डिग्री पारा रहा।
कोहरे के कारण जीवन प्रभावित
घना कोहरा और ठंड ने यातायात को प्रभावित किया। स्कूलों में बच्चों को घर से समय पर निकलने में कठिनाई हुई। वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने के लिए मजबूर होना पड़ा। कृषि क्षेत्रों में भी ठंड के कारण किसानों की फसल और सुबह की सिंचाई में मुश्किलें आईं। मौसम विभाग ने चेताया है कि अगले 2-3 दिन तक प्रदेश में कोहरे और ठंड का असर जारी रह सकता है। सुबह और देर रात में दृश्यता बेहद कम रहेगी। लोगों को सड़कों पर वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने और बुजुर्ग, बच्चों व बीमार व्यक्तियों को ठंड से बचाने की सलाह दी गई है।
