MP में कड़ाके की ठंड का असर थोड़ा कम जरूर हुआ है, लेकिन सर्द हवाओं और घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रातें पहले के मुकाबले थोड़ी कम सर्द हैं, फिर भी सुबह की शुरुआत धुंध और ठिठुरन के साथ हो रही है। खासकर मैदानी इलाकों में कोहरा ऐसा छा रहा है कि सड़क और रेल दोनों पर असर साफ दिख रहा है। शुक्रवार सुबह कोहरे ने रेल यातायात की रफ्तार रोक दी। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर की ओर जाने वाली कई ट्रेनें करीब दो घंटे तक लेट रहीं। दिल्ली से आने वाली मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस समेत कई लंबी दूरी की गाड़ियां कोहरे में फंसी नजर आईं। कुछ ट्रेनों की देरी 8 से 10 घंटे तक पहुंच गई, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार सुबह विजिबिलिटी बेहद कम रही। खजुराहो में घना कोहरा छाया रहा, वहीं भोपाल, दतिया, ग्वालियर, रतलाम, दमोह, रीवा, सागर, सतना, गुना, इंदौर, रायसेन, राजगढ़, उज्जैन, मलाजखंड, श्योपुर, नर्मदापुरम, सिवनी, नौगांव और मंडला में भी धुंध ने आम जनजीवन को धीमा कर दिया। सुबह-सुबह सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए।
रात का चढ़ा तापमान
+रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहा। इसके बावजूद, पचमढ़ी, शिवपुरी, टीकमगढ़, राजगढ़, रीवा और नौगांव जैसे इलाकों में पारा 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है, जिससे ठंड का अहसास बरकरार है। प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी एक बार फिर सबसे ठंडा दर्ज किया गया। यहां तापमान 5.4 डिग्री तक गिर गया। शहडोल के कल्याणपुर में 6.4 डिग्री पारा रहा। शिवपुरी, खजुराहो, अमरकंटक, उमरिया, मंडला, मलाजखंड और टीकमगढ़ जैसे इलाकों में भी ठंड ने लोगों को अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया।
रिकॉर्ड तोड़ सर्दी
इस साल नवंबर और दिसंबर में प्रदेश ने ठंड के पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवंबर में 84 साल और दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटना मौसम की गंभीरता को दर्शाता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी में भी ठंड का असर बना रहेगा। घना कोहरा, शीतलहर और तेज सर्द हवाएं आने वाले दिनों में एक बार फिर प्रदेश को अपनी गिरफ्त में ले सकती हैं।
