इस साल MP में ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दिसंबर से लेकर जनवरी के मध्य तक प्रदेश कड़ाके की ठंड की चपेट में रहा, लेकिन अब तक मावठा की बारिश नहीं हुई थी। आमतौर पर दिसंबर के आखिरी हफ्ते या जनवरी की शुरुआत में मावठा सक्रिय हो जाता है, मगर इस बार मौसम का यह पैटर्न देर से सामने आ रहा है। अब मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए एक अहम अपडेट जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदल सकता है।
भारतीय मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों में मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे लोगों को भीषण ठंड से कुछ हद तक राहत मिलने की संभावना है। हालांकि यह राहत अस्थायी मानी जा रही है, क्योंकि इसके बाद मौसम फिर करवट ले सकता है।
MP में मावठा का अलर्ट
मौसम वैज्ञानिक डॉ. तृषाणु बनिक के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम दिशा में ईरान के पास एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जो पश्चिमी विक्षोभ के रूप में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ एक ट्रफ लाइन भी बनी हुई है, जो 19 जनवरी के आसपास देश के पश्चिमी हिस्सों को प्रभावित कर सकती है। इसी सिस्टम के असर से 26 जनवरी से पहले या उसके आसपास मध्य प्रदेश में मावठा की बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।
बारिश के बाद बढ़ेगी गलन वाली ठंड
सर्दियों में होने वाली बारिश अक्सर गलन को और बढ़ा देती है। मावठा के दौरान बादल छाए रहने से धूप कम निकलती है और हवा में नमी बढ़ जाती है। यही वजह है कि दिन और रात के तापमान का अंतर घट जाता है और दिन में भी ठंड ज्यादा महसूस होने लगती है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के बाद प्रदेश में फिर से कंपकंपाने वाली ठंड लौट सकती है।
यलो अलर्ट के बाद दिखेगा बदलाव
मौसम विभाग ने 17 जनवरी तक प्रदेश में ठंड को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। 18 जनवरी से तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी जा सकती है और कुछ दिनों तक मौसम स्थिर रह सकता है। लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के असर से अगले एक हफ्ते में प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। मावठा की बारिश रबी फसलों के लिए फायदेमंद मानी जाती है, लेकिन इसके साथ बढ़ने वाली ठंड से जनजीवन भी प्रभावित होता है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखना और सावधानी बरतना जरूरी है।
