MP में ठंड के साथ-साथ घना कोहरा अब रोजमर्रा की जिंदगी को सीधे प्रभावित करने लगा है। मंगलवार सुबह प्रदेश के कई इलाकों में हालात ऐसे रहे मानो सूरज उगने से पहले ही दिन ठहर गया हो। रीवा और सतना में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर रही, जहां सुबह के समय ‘ब्लाइंड मॉर्निंग’ जैसे हालात बन गए। सड़कों पर 50 मीटर से आगे कुछ भी साफ दिखाई नहीं दे रहा था।
घने कोहरे का सीधा असर रेल यातायात पर देखने को मिला। एक दर्जन से अधिक ट्रेनें अपने तय समय से देरी से चलीं। मालवा एक्सप्रेस लगभग चार घंटे लेट रही, जबकि शताब्दी एक्सप्रेस, सचखंड एक्सप्रेस, पंजाब मेल और झेलम एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनों की रफ्तार भी कोहरे ने थाम ली। यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ा।
MP में सबसे ज्यादा धुंध
रीवा और सतना के अलावा दमोह, खजुराहो, नौगांव, ग्वालियर, मुरैना और सीधी में भी सुबह घना कोहरा छाया रहा। इन इलाकों में विजिबिलिटी कहीं 50 मीटर तक सिमटी तो कहीं एक किलोमीटर के आसपास रही। वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर बेहद धीमी गति से सफर करना पड़ा। प्रदेश की राजधानी भोपाल समेत दतिया, इंदौर, राजगढ़, उज्जैन, जबलपुर, मंडला, गुना, रायसेन, शिवपुरी, सागर, शाजापुर, भिंड और धार में भी कोहरे का असर साफ दिखाई दिया। सुबह के समय सड़कों पर आवाजाही कम रही और लोग ठंड से बचने के लिए घरों में दुबके रहे।
रात में गिरा तापमान
रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात प्रदेश के कई शहरों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और इंदौर में न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री रहा। ग्वालियर में पारा 11.3 डिग्री, उज्जैन में 11.4 डिग्री और जबलपुर में 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी एक बार फिर सबसे ठंडा स्थान रहा। यहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री तक गिर गया। इसके अलावा रीवा में 5.6 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 5.9 डिग्री, राजगढ़ और खजुराहो में 7 डिग्री, चित्रकूट में 7 डिग्री और मलाजखंड में 7.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
ठंड से आगे भी राहत नहीं
बैतूल, नौगांव, मंडला, नरसिंहपुर, उमरिया, दमोह और रायसेन समेत कई जिलों में तापमान 8 से 9 डिग्री के बीच रहा। मौसम के जानकारों का मानना है कि फिलहाल ठंड और कोहरे से राहत के आसार कम हैं और अगले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रह सकती है।
