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MP Weather: ग्वालियर-चंबल में घना कोहरा, दतिया सबसे ठंडा; जनवरी में कड़ाके की सर्दी का कहर

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Published On: 12 January 2026

MP के उत्तरी हिस्से में ठंड और कोहरे का असर लगातार बना हुआ है। सोमवार सुबह ग्वालियर-चंबल संभाग के कई जिलों में घना कोहरा छाया रहा। सड़कों पर दृश्यता बेहद कम रही, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में सुबह के समय रफ्तार थमी रही और लोग देर से घरों से बाहर निकले। घने कोहरे का असर रेल सेवाओं पर भी साफ नजर आया। ग्वालियर और आसपास के रेलवे रूट पर चलने वाली कई ट्रेनें देरी से चलीं। यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर लंबा इंतजार करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, दृश्यता कम होने के कारण ट्रेनों की गति नियंत्रित रखनी पड़ी।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान दतिया में 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री रहा। भोपाल में 9, इंदौर में 9.6, उज्जैन में 9.4 और जबलपुर में 9.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

MP में 10 डिग्री से नीचे पारा

प्रदेश के अधिकांश जिलों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। राजगढ़ और पचमढ़ी में 5.6 डिग्री, मंडला में 5.9 डिग्री, खजुराहो में 6.5 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं नौगांव, शिवपुरी और रीवा में तापमान 7 डिग्री के आसपास रहा। ठंड के चलते लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। इस बार प्रदेश में सर्दी का मिजाज अलग ही नजर आ रहा है। नवंबर में 84 साल का रिकॉर्ड टूटा, जबकि दिसंबर में 25 साल की सबसे ज्यादा ठंड दर्ज की गई। अब जनवरी में भी कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट चुका है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है।

जनवरी क्यों होती है ठंड के लिए अहम

मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे अहम होते हैं, उसी तरह सर्दी के लिहाज से दिसंबर और जनवरी सबसे महत्वपूर्ण महीने माने जाते हैं। इन महीनों में उत्तर भारत से ठंडी हवाएं प्रदेश में ज्यादा सक्रिय रहती हैं, जिससे तापमान तेजी से गिरता है। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के असर से जनवरी में मावठा गिरने की भी संभावना रहती है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि फिलहाल ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं। घना कोहरा और शीतलहर का असर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है।

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