MP Weather : मध्यप्रदेश में कड़ाके की ठंड के साथ घना कोहरा लोगों के लिए परेशानी बनता जा रहा है। उत्तर और पूर्वी हिस्सों में हालात ज्यादा गंभीर हैं, जहां तापमान लगातार गिर रहा है और सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो जा रही है। कई जिलों में हालात ऐसे रहे कि 50 मीटर आगे भी कुछ नजर नहीं आया। दतिया जिले में कोहरे की वजह से एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया। नेशनल हाईवे-44 पर चिरुला थाना क्षेत्र में घने कोहरे के बीच एक तेज रफ्तार कार और बाइक आगे चल रहे कंटेनर से जा टकराईं।
इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार और बाइक के परखच्चे उड़ गए। प्राथमिक जांच में हादसे की वजह कम विजिबिलिटी और तेज रफ्तार बताई जा रही है।
रेल और हवाई सेवाओं पर असर
कोहरे का असर सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर से गुजरने वाली 20 से ज्यादा ट्रेनें रोजाना आधे घंटे से लेकर 5 घंटे तक देरी से चल रही हैं। खासतौर पर दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेनों पर ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। मालवा एक्सप्रेस, झेलम, शताब्दी, सचखंड और पंजाब मेल जैसी प्रमुख ट्रेनें कई-कई घंटे लेट पहुंच रही हैं। भोपाल और इंदौर से उड़ने वाली फ्लाइट्स भी देरी का शिकार हो रही हैं।
18 से ज्यादा शहरों में कोहरा
रविवार सुबह ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, शहडोल, उमरिया और कटनी में घना कोहरा छाया रहा। भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, शाजापुर और देवास में मध्यम कोहरा दर्ज किया गया, जहां विजिबिलिटी 2 से 4 किलोमीटर के बीच रही।
इस सीजन में पहली बार प्रदेश का न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया। शहडोल के कल्याणपुर में पारा 2.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। उमरिया, अमरकंटक, पचमढ़ी, रीवा और राजगढ़ जैसे इलाकों में भी ठंड ने लोगों को कंपकंपी छुड़ा दी। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में 5.6, भोपाल में 6.2, ग्वालियर में 7.5, उज्जैन में 8.5 और जबलपुर में 7.4 डिग्री तापमान दर्ज हुआ।
मौसम विभाग की एडवाइजरी
लगातार बन रहे हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने यात्रा, स्वास्थ्य और कृषि को लेकर एडवाइजरी जारी की है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, वाहन चलाते समय फॉग लैंप और लो बीम हेडलाइट का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य को लेकर शरीर को पूरी तरह ढककर रखने, सर्दी-खांसी के लक्षण दिखने पर डॉक्टर से संपर्क करने और मास्क के उपयोग पर जोर दिया गया है। लंबे समय तक कोहरा बने रहने से फसलों में नमी और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कृषि विशेषज्ञों ने टमाटर, मिर्च, फूलगोभी और सरसों की फसलों पर विशेष निगरानी रखने और पशुशालाओं में उचित वेंटिलेशन बनाए रखने की सलाह दी है।
