, , ,

MP Weather Update: ठंड का रिकॉर्ड टूटता सिलसिला, इंदौर की रातें दशक में सबसे सर्द; पचमढ़ी से बराबरी

Author Picture
Published On: 13 December 2025

MP में इस बार सर्दी ने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इंदौर में बीती रात तापमान 5.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पिछले दस वर्षों में सबसे ठंडी रात मानी जा रही है। हैरानी की बात यह रही कि इंदौर का तापमान प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी के बराबर दर्ज किया गया। भोपाल में भी ठंड ने तेवर दिखाए और पारा 7 डिग्री से नीचे बना रहा।

भोपाल में लगातार 6 दिन तक शीतलहर चलने के बाद गुरुवार को हल्की राहत जरूर मिली, लेकिन शुक्रवार को दिनभर ठंड का असर साफ नजर आया। भोपाल, इंदौर, राजगढ़, सीहोर और शाजापुर में सर्द हवाएं चलीं। धूप निकलने के बावजूद ठंडी हवा के कारण लोग दिनभर गर्म कपड़ों में लिपटे रहे। मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक शीतलहर का अलर्ट नहीं दिया है, लेकिन ठंड बनी रहने की संभावना जताई है।

पारा 5 से 9 डिग्री के बीच

गुरुवार और शुक्रवार की रात प्रदेश के कई शहरों में तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। भोपाल में 6.5 डिग्री, ग्वालियर में 9.1, उज्जैन में 9 और जबलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस रहा। राजगढ़ और पचमढ़ी में 5.2 डिग्री, नौगांव में 6.4, उमरिया में 6.6 और रीवा में 7 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। मलाजखंड, मंडला, रायसेन, शिवपुरी, नरसिंहपुर, बैतूल और छिंदवाड़ा जैसे जिलों में भी कड़ाके की ठंड महसूस की गई।

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में हो रही भारी बर्फबारी का असर मध्य प्रदेश तक पहुंच रहा है। पहाड़ी इलाकों से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण तापमान तेजी से गिरा है। उत्तराखंड के कई इलाकों में नदियां और झरने तक जमने की स्थिति में हैं, जिससे ठंडी हवा का दबाव और बढ़ गया है।

जेट स्ट्रीम ने बढ़ाई ठंड

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार ठंड बढ़ने की एक बड़ी वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह हवा जमीन से करीब 12 किलोमीटर ऊपर 200 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से बह रही है। जब पहाड़ों की ठंडी हवा और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों की ठंडी हवा एकसाथ सक्रिय होती हैं, तो सर्दी का असर दोगुना हो जाता है। इस बार यही स्थिति बन रही है।मौसम विभाग के मुताबिक, भोपाल में नवंबर की ठंड ने 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया था, जबकि इंदौर में दिसंबर की ठंड ने पिछले दस साल का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। आने वाले दिनों में भी रातों का तापमान कम रहने की संभावना है, जिससे प्रदेशवासियों को अभी और ठिठुरन झेलनी पड़ सकती है।

Related News
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp