सतना शहर में पेयजल व्यवस्था को लेकर नगर निगम ने सख्ती बढ़ा दी है। महापौर योगेश ताम्रकार ने मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) के सदस्यों और जल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ फिल्टर प्लांट का सघन निरीक्षण किया। शहरवासियों तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल पहुंचे और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त न की जाए। निरीक्षण के दौरान एमआईसी सदस्य गोपी गेलानी, जल विभाग के सदस्य आदित्य यादव, अभिषेक तिवारी ‘अंशु’, पी.के. जैन सहित डिप्टी कमिश्नर सत्यम मिश्रा मौके पर मौजूद रहे। इनके अलावा जल संयंत्र प्रभारी रोजल सिंह, उपयंत्री विद्यानिवास बागरी, उपयंत्री हिमांशु तथा जल शोधन विभाग के अन्य जिम्मेदार अधिकारी भी निरीक्षण दल में शामिल रहे।
महापौर ने फिल्टर प्लांट की पूरी प्रक्रिया को मौके पर देखा। जल शोधन की गुणवत्ता, मशीनों की स्थिति और आपूर्ति व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पानी की शुद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और तकनीकी या मानवीय चूक सीधे जवाबदेही तय करेगी।
सतना: लापरवाही पर कड़ा रुख
निरीक्षण के दौरान महापौर ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि स्वच्छ जल उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की लापरवाही को अक्षम्य माना जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने दायित्वों का ईमानदारी से पालन करने के निर्देश दिए। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए महापौर ने एक अहम निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जोनल कार्यालय के बाहर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के नाम और संपर्क नंबर सार्वजनिक रूप से लिखे जाएं, ताकि आम नागरिक जरूरत पड़ने पर सीधे संपर्क कर सकें।
सूचना देने की अपील
महापौर ने शहरवासियों से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि कहीं भी पाइपलाइन लीकेज, टूट-फूट या जल आपूर्ति से जुड़ी समस्या दिखे तो तुरंत नगर निगम को सूचना दें। समय पर सूचना मिलने से पानी की बर्बादी रुकेगी और समस्या जल्दी हल हो सकेगी। निरीक्षण के दौरान वार्डों में बनी जल टंकियों को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। महापौर ने कहा कि सभी टंकियों की समय-समय पर सफाई अनिवार्य रूप से कराई जाए, ताकि गंदगी या दूषित पानी की शिकायतें सामने न आएं।
निरीक्षण के बाद महापौर योगेश ताम्रकार ने स्पष्ट किया कि नगर निगम आने वाले समय में भी जल व्यवस्था की लगातार निगरानी करेगा। शहरवासियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
